सियाराम हनुमान मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में बल्लभगढ़ एसडीएम अपराजिता आईएएस ने की शिरकत, श्रीमद् भागवत कथा में किया गया सुदामा चरित्र कथा का वर्णन

HARYANA KI AAWAJ

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रिपोर्ट योगेंद्र चौहान

सियाराम हनुमान मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का के सातवे दिन स्वामी श्री सुमेधानंद जी भक्तो को सुदामा चरित्र की कथा का श्रवण कराया श्री मद भागवत कथा में बल्लबगढ़ की एस डी एम अपराजिता आई ए एस भी मुख्य रूप से मौजूद रही और उन्होंने महाराज श्री से आशिर्वाद लिया।
श्रीमद भागगत कथा पुराण यज्ञ के अंतिम दिन सुदाम चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती ने दुनिया को यह संदेश दिया कि राजा हो या रंक दोस्ती में सब बराबर होते हैं। कथा के अंतिम दिन श्रोताओं की खूब भीड़ उमड़ी।
कथा व्यास महाराज जी ने कहा कि कृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता आज कही भी देखने को नही मिलती है। द्वारपाल के मुख से पूछत दीनदयाल के धाम, बतावत आपन नाम सुदामा सुनते ही द्वारिकाधीश नंगे पांव मित्र की अगवानी करने राजमहल के द्वार पर पहुंच गए। यह सब देख वहां लोग यह समझ ही नहीं पाए कि आखिर सुदामा में ऐसा क्या है जो भगवान दौड़े दौड़े चले आए। बचपन के मित्र को गले लगाकर भगवान श्रीकृष्ण उन्हें राजमहल के अंदर ले गए और अपने सिंहासन पर बैठाकर स्वयं अपने हाथों से उनके पांव पखारे। कहा कि सुदामा से भगवान ने मित्रता का धर्म निभाया और दुनिया के सामने यह संदेश दिया कि जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। राजा हो या रंक मित्रता में सभी समान हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। कथावाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण सरल शब्दों में वर्णन किया कि उपस्थित लोग भाव विभोर हो गए कथा के मुख्य यजमान प्रमोद बंसल व उनकी धर्मपत्नी पायल बंसल मुख्य रूप से मौजूद रही और साथ मे
राजीव गोयल मुकेश बंसल ललित गोयल श्याम सुंदर मित्तल वेद प्रकाश मंगला श्री कृष्ण मित्तल अंकुश मोदी राकेश मास्टर जी सुनील पंडित जी बसन्ता पंडित जी सुरेश पंडित जी विनोद शर्मा पिंटू शर्मा आदि भक्तगण मौजूद रहे !

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Published by yogender1977

My self Yogender Singh

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